
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को उस वक्त राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों और नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, नारेबाजी और धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन ज्यादा देर नहीं चला, क्योंकि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई TMC नेताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए बड़े नाम
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नेताओं में TMC के कई हाई-प्रोफाइल चेहरे शामिल हैं, जिनमें—
- डेरेक ओ’ब्रायन
- महुआ मोइत्रा
- शताब्दी रॉय
- साकेत गोखले
- कीर्ति आज़ाद
- बापी हलदर
- प्रतिमा मंडल
- डॉ. शर्मिला सरकार
शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रदर्शन की वजह क्या थी?
TMC नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को निशाना बना रही है। प्रदर्शन के दौरान
“तानाशाही बंद करो” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए गए।
Police Action: कानून-व्यवस्था का हवाला
दिल्ली पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति संवेदनशील इलाके में धरना और नारेबाजी कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती थी। इसी आधार पर TMC नेताओं को Preventive Detention में लिया गया।

Opposition vs Centre: पुरानी लड़ाई, नया मोर्चा
यह प्रदर्शन सिर्फ एक धरना नहीं बल्कि 2024 के बाद की Opposition Politics का हिस्सा है। ED, CBI और पुलिस— तीनों अब
राजनीति के केंद्र में आ चुके हैं।
एक तरफ TMC कहती है— “लोकतंत्र खतरे में है” दूसरी तरफ सत्ता का जवाब— “कानून सबके लिए बराबर है”
नतीजा वही— नारे सड़क पर, और नेता पुलिस वैन में।
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